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Car Insurance

दोस्तो Car Insurance के बारे मे कुछ जानकारी आपके काम

आ सकती है आज हम इसके बारे मे कुछ बात करते है।

आजकल अधिकतर लोगो के पास कार है इसे हर साल मैंटेन

करने पर कुछ पैसा खर्चा होता है, जैसे हर साल इंश्योरेंस प्रीमियम

 भी देनी पड़ती है। यदि आपके पास अच्छी चार पहिया गाड़ी है,

तो मोटर इंश्योरेंस भी महंगा होगा और साल दर साल मोटर

इंश्योरेंस की लागत बढ़ती जा रही है।

Third Party Car Insurance

थर्ड पार्टी मोटर इंश्योरेंस क्लेम तो सरकार द्वारा अनिवार्य कर

दिया गया है लेकिन आप फर्स्ट पार्टी इंश्योरेंस भी ले सकते हैं,

यह आपकी जरूरत के हिसाब से डिपेंड करता है।

मोटर इंश्योरेंस जब हम करवाते हैं तो यह भी सलाह दी जाती है

कि आप आईडीवी भी देखें।

सभी कंपनियों में इंश्योरेंस का प्रीमियम देखने के बाद ही मोटर इंश्योरेंस लें

इसमें यह भी ध्यान में रखें कि इंश्योरेंस क्लेम का रेशियो

कौन सी कंपनी का अच्छा है लगभग सभी कंपनी आजकल

ऑनलाइन इंश्योरेंस खरीदेने की सुविधा दे रही हैं, जैसे आप

देखेंगे पॉलिसी बाजार में काफी कॉन्पिटिटिव रेट मिल जाता हैं,

लेकिन इन कॉन्पिटिटिव रेट में कई  बार आईडीवी भी कम

कर दी जाती है और आपको मुनाफा दिया जाता है, आपको

कम प्रीमियम का लोभ दिया जाता है, इसीलिए पूरी शर्तो व नियम

के बारे में जानना बहुत जरूरी है इसमें कहीं नियम शर्ते छुपे हुए

तो नहीं है, इसकी क्या टर्म एंड कंडीशन है यह भी जानना जरूरी हैं

गाड़ी चालक को सारी सावधानियाँ बरतनी चाहिए जैसे ड्राइविंग

लाइसेंस पास होना चाहिए, शराब पीकर गाड़ी नहीं चलाना चाहिए,

 जो गाड़ी के अंदर यात्री हैं उन्हे सीट बेल्ट जरूर लगाना चाहिए आदि

आइए कुछ और चीजों के बारे में हम जानते हैं.

Car Insurance Premium

इंश्योरेंस प्रीमियम गाड़ी की कीमत चार पहिया वाहन के फीचर्स,

स्पेशलाइजेशन और मॉडल पर निर्भर करता है क्योंकि यह गाड़ी

की कीमत कवर करता हैं.

इंजन की क्षमता चार पहिया वाहन इंजन की क्यूबिक कैपेसिटी

सीसी जितनी ज्यादा होगी इंश्योरेंस का प्रीमियम उतना ही अधिक होगा,

गाड़ी की कीमत चार पहिया वाहन के फीचर्स, स्पेशलाइजेशन

और मॉडल पर निर्भर करता है क्योंकि इंश्योरेंस गाड़ी की कीमत

कवर करता है, यही नहीं, कार कितनी पुरानी है और कौन सा मॉडल

है इस बात पर भी निर्भर करता है।

इंजन नया हो तो इंश्योरेंस प्रीमियम भी ज्यादा होगा ,

यह लागत काफी चीजों पर निर्भर करती है.

Role of IRDA

बीमा नियामक इरडा ने थर्ड पार्टी इंश्योरेंस प्रीमियम के लिए

इंजन की क्षमता के हिसाब से स्लैब रेट तय कर रखे हैं

यदि आप गाड़ी संभलकर चलाते तो और कोई क्लेम नहीं लेते है

तो इंश्योरेंस कंपनी हर साल नो क्लेम बोनस देती हैं आईडीवी (IDV )

यानी इंश्योरेंस डिक्लेयर्ड वैल्यू यह अधिकतम राशि होती है जो चार

पहिया वाहन पूरी तरह  क्षतिग्रस्त होने या चोरी होने पर कंपनी चुकती है.

आईडीवी (IDV)  जितनी कम होगी मोटर इंश्योरेंस उतना ही काम होगा।

आईडीवी (IDV) इंश्योरेंस रिनुअल के दौरान हर साल आँकी जाती है.

यह रेट ऑफ डेप्रिसिएशन को ध्यान में रख कर तय की जाती है

थर्ड प्रीमियम बीमा सीसी के हिसाब से होगा , चार पहिया वाहन जितना

पुराना होगा उसकी कीमत उसी के हिसाब से कम होती जाती है क्यूंकी

इसमे  रेट आफ डिप्रेशिएशन लगता है जिसके आधार पर इंश्योरेंस प्रीमियम

भी घट जाता है इंश्योरेंस कंपनी मेडिकल कवर देती है लेकिन इसके लिए

बीमा कंपनी अलग से कीमत वसूल करती है.

 

निष्कर्ष-

हमारी यह सलाह है कि फर्स्ट पार्टी इंश्योरेंस ही लेना चाहिए

जिसमें आप भी सुरक्षित रहते हैं और गाड़ी भी। जो कंपनी रोड साइड

सेवा और फास्ट पेमेंट करें उनके बारे मे जानना चाहिए और उसी कंपनी

से कार इंश्योरेंस लेना चाहिए।